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वांडरर्स की पिच पर 30 साल से कायम है भारत की बादशाहत, जानिए इसका राज

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने सेंचुरियन का किला फतह कर सीरीज जीत की ओर मजबूती से कदम बढ़ा दिए हैं। दूसरा टेस्ट मैच सोमवार (3 जनवरी 2022 ) से जोहानिसबर्ग () के वांडरर्स स्टेडियम में खेला जाएगा। इस वेन्यू की बात करें तो भारत का इस मैदान पर रिकॉर्ड शानदार है। टीम इंडिया पिछले 30 वर्षों से दक्षिण अफ्रीका () का दौरा कर रही है। लेकिन अभी तक एक भी टेस्ट सीरीज उसके हाथ नहीं लगी है। यही एक वेन्यू है जहां भारतीय टीम अभी तक अजेय है। यानी की टीम इंडिया को वांडरर्स में कभी भी हार का सामना नहीं करना पड़ा है। राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने 1997 में पहला शतक यहीं पर लगाया था जबकि भारतीय टीम ने भी साउथ अफ्रीका में यहीं पर अपना पहला टेस्ट मैच 2006 में जीता था। भारतीय टीम इस मैदान पर हमेशा से मजबूत रही है जहां स्विंग और सीम गेंदबाजों को बोलबाला रहा है। विराट कोहली (Virat Kohli) की अगुआई वाली टीम इंडिया ने भी साल 2018 में जोहानिसबर्ग टेस्ट में मेजबानों को 63 रन से हराया था। हालांकि टीम इंडिया को सीरीज में 1-2 से हार मिली थी। जोहानिसबर्ग से टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में पूर्व साउथ अफ्रीकी वीडियो एनालिस्ट प्रसन्ना एगोरम (Prasanna Agoram) ने बताया कि न्यूलैंड्स और सेंचुरियन की पिच दक्षिण अफ्रीकी बोलरों के लिए मुफीद रही है क्योंकि शॉर्टिस्ट लेंथ से वे घातक साबित हुए हैं। वहीं जोहानिसबर्ग की पिच फुलर लेंथ बोलरों को मदद करती है, इसलिए इंडियन बोलरों को फायदा मिलता है। 'जोहानिसबर्ग की पिच सीम और स्विंग बोलर्स के लिए मददगार' दूसरे टेस्ट मैच को शुरू होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं लेकिन प्रसन्ना का कहना है कि पिच पर बहुत ज्यादा घास है। जोहानिसबर्ग पुरुष और महिला टीम के हाई परफॉरमेंस मैनेजर प्रसन्ना ने कहा, ' मैं आज वांडरर्स में था। अगले कुछ दिनों में शायद कुछ घास को काटा जाए। बावजूद इसके इस पिच पर सीम और स्विंग बोलर्स के लिए बहुत कुछ है।' 'वांडरर्स में उमेश साबित हो सकते हैं घातक' प्रसन्ना को लगता है कि वांडरर्स की पिच पर पेसर उमेश यादव (Umesh Yadav) ज्यादा घातक साबित हो सकते हैं। सेंचुरियन टेस्ट में उमेश की जगह शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) को मौका दिया गया था। प्रसन्ना का मानना है कि उमेश फुलर लेंथ और अच्छी पेस के साथ गेंदबाजी करते हैं। यदि इस विकेट पर उमेश को नहीं खिलाया जाता है तो मुझे हैरानी होगी। क्या हनुमा विहारी को प्लेइंग XI में मिलेगा मौका? अब सवाल यह उठता है कि क्या दूसरे टेस्ट में हनुमा विहारी को मौका मिलेगा। वांडरर्स की पिच हमेशा स्पिनर्स को मदद नहीं करती है। लेकिन यदि चारों फ्रंट लाइन पेसर्स फिट होते हैं तो कोहली उनके साथ जाना चाहेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोहली आर अश्विन (R Ashwin) की जगह हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) को प्लेइंग इलेवन में शामिल करते हैं या नहीं। अश्विन ने सेंचुरियन टेस्ट के पांचवें दिन आखिरी के दो विकेट चटकाए थे। जोहानिसबर्ग में स्पिनर्स ओवर रेट पर अंकुश लगा सकते हैं और ऐसे में विहारी एक दिन में 8-10 ओवर डाल सकते हैं। यदि हनुमा खेलते हैं तो भारत को सातवें नंबर पर एक अतिरिक्त बल्लेबाज मिल सकता है जो कोहली को उमेश और शार्दुल में से किसी एक को चुनने में आसानी होगी। इस पर प्रसन्ना ने कहा, ' हां विहारी ने यहां इंडिया ए के लिए खेला है। उनको प्लेइंग इलेवन में शामिल करना खराब आइडिया नहीं होगा। लेकिन अश्विन जैसे क्वालिटी स्पिनर को ड्रॉप करना आसान नहीं होगा।' भारत ने वांडरर्स में 5 टेस्ट मैच खेले हैं भारतीय क्रिकेट टीम ने वांडरर्स में 5 टेस्ट मैच खेले हैं जहां उसे 2 में जीत मिली है जबकि 3 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। दक्षिण अफ्रीकी टीम यहां 42 टेस्ट मैच खेल चुकी है जहां उसे 18 में जीत मिली है जबकि 13 टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा है। 11 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं।


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