किसी जय-वीरू की जरूरत नहीं, अगर ये ठाकुर क्रीज पर है
ओवल देर आए दुरुस्त आए.... कोहली की कप्तानी पर कम से कम फैंस तो आज यही सोच रहे होंगे, जिन्होंने चौथे टेस्ट मैच में शार्दुल ठाकुर को मौका दिया। मुंबई के इस खिलाड़ी ने इंग्लैंड दौरे पर मिले पहले मौके को दोनों हाथों से भुनाया। पिच पर आए तो हालात विपरित थे। टीम इंडिया की स्थिति पतली थी, 117 रन पर छह विकेट गिर चुके थे, लेकिन आठवें नंबर पर आकर ठाकुर ने ऐसे बल्ला चलाया कि मैदान पर खलबली मच गई। जिसने भी इस पारी को देखा यही कहा, किसी जय- वीरू की जरूरत नहीं, अगर ये ठाकुर क्रीज पर है। छक्के से पूरी की फिफ्टीशार्दुल टीम में जगह ही इसलिए पाते हैं क्योंकि वह तेज गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी भी जानते हैं, लेकिन 31 गेंद में अर्धशतक पूरा करना कोई तुक्का नहीं था। यह आंख बंद करके बल्ला घुमाने वाली पारी नहीं थी। वो गेंदबाज जिनके आगे सारे सूरमा ढेर हो गए, उन्हें मैदान के हर कोने में बाउंड्री लगाना अचानक बच्चों का खेल लगने लगा था। उमेश यादव के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए महज 48 गेंद में 63 रन की साझेदारी की। अगर पालघर का यह जांबाज नहीं होता तो नि:संदेह भारत 191 रन नहीं बना पाता। तोड़ा विस्फोटक वीरेंद्र सहवाग का रेकॉर्ड भारत में जब आक्रामक बल्लेबाजी की बात होती है तो वीरेंद्र सहवाग का नाम सबसे पहले आता है। शार्दुल ने 36 गेंद में 57 रन की अपनी ताबड़तोड़ पारी के दौरान वीरू तक को पछाड़ दिया। सात चौके और तीन छक्के से सजी इस इनिंग में महज 31 बॉल में अपनी फिफ्टी पूरी की। इसी के साथ अब वह इंग्लैंड के खिलाफ सबसे तेज पचासा लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। ओपनिंग करने वाले सहवाग ने तो चेन्नई में 32 गेंद में हाफ सेंचुरी लगाई थी, लेकिन इन विपरित हालातों में विदेशी सरजमी पर खेली गई यह पारी हमेशा याद रखी जाएगी। किसी बल्लेबाज सी परिपक्व पारी अपने करियर का दूसरा अर्धशतक बनाते हुए शार्दुल ने जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। सारे शॉट्स किसी मंझे हुए बल्लेबाज की तरह लगाए। स्ट्रेट ड्राइव, कवर ड्राइव, बैकफुट पंच से लेकर पुल भी जमाते रहे। कप्तान जो रूट को समझ नहीं आ रहा था कि कैसे उन्हें आउट करे। 158.33 की स्ट्राइक रेट से धुनाई करते हुए वह मोहम्मद अजहरुद्दीन सरीखे महान भारतीय कप्तान से भी आगे निकल गए। दरअसल, कम से कम 50 रन बनाते हुए सर्वाधिक स्ट्राइक रेट के मामले में वह भारत के दूसरे बेस्ट बल्लेबाज बन गए। अंग्रेजों के ही खिलाफ 1982 में 161.81 की स्ट्राइक रेट रखने वाले कपिल देव सबसे आगे हैं।
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