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जीत के बाद क्यों भड़कीं मिताली राज, आलोचकों को दिया मुंहतोड़ जवाब

वारसेस्टर स्ट्राइक रेट (बल्लेबाज की रन बनाने की गति) को लेकर उठने वाले सवालों का शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय में बल्ले से जवाब देने के बाद भारतीय महिला टीम की कप्तान मिताली राज ने कहा कि इतने लंबे समय तक खेलने के बाद उन्हें लोगों से प्रमाण की जरूरत नहीं है। मिताली की 86 गेंदों पर नाबाद 75 रन की पारी से भारत ने श्रृंखला के तीसरे और अंतिम वनडे में इंग्लैंड को चार विकेट से हराया। इस पारी के दौरान मिताली महिला क्रिकेट के सभी प्रारूपों में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज भी बनी। लोगों को खुश करने के लिए नहीं खेलती मैच के बाद वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में जब उनके स्ट्राइक रेट को लेकर हो रही आलोचना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैंने स्ट्राइक रेट को लेकर होने वाली आलोचना के बारे में पढ़ा है। मैंने इस पर पहले भी कहा है कि मुझे लोगों से प्रमाण की जरूरत नहीं हैं। मैं लंबे समय से खेल रही हूं और मुझे पता है कि टीम में मेरी एक खास जिम्मेदारी है। मेरा मकसद लोगों को खुश करना नहीं है। मैं यहां वह भूमिका निभाने आई हूं जो टीम प्रबंधन ने मुझे सौंपी है। जब आप लक्ष्य का पीछा करते हैं तो आप रन बनाने के लिए गेंदबाजों को चुनने के अलावा खुद के मजबूत पक्ष पर भरोसा करते हैं।’ अब भी बरकरार है रन की भूख मिताली ने कहा कि उनकी रन बनाने की भूख अब भी वैसी ही है जैसे 22 साल पहले हुआ करती थी और वह अगले साल न्यूजीलैंड में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए अपनी बल्लेबाजी को नए मुकाम पर ले जाने की कोशिश कर रही है। आयरलैंड के खिलाफ 26 जून 1999 को मिल्टन केयेन्स में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाली मिताली ने 2019 में ही टी-20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और वह पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि न्यूजीलैंड में चार मार्च से तीन अप्रैल 2022 के बीच होने वाला महिला विश्व कप उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा। पोवार बोले- मिताली ने अपने दम पर जिताया 38 वर्षीय मिताली राज बल्लेबाजी में अपनी भूमिका निभाने के साथ अन्य खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शक है। कोच रमेश पोवार ने उनकी तारीफ में कहा, 'मुझे लगता है आज का मैच उसने अपने दम पर जीता। कम उछाल वाली पिच पर 220 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं था, लेकिन वह टीम को जीत दिला कर लौटी।’ इस पूर्व भारतीय स्पिनर ने दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी और हरफनमौला स्नेह राणा की भी तारीफ की। भारत ने 1-2 से गंवाई सीरीज इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच में कप्तान मिताली राज की शानदार बल्लेबाजी के दम पर भारतीय टीम को पहली जीत नसीब हुई। तीन मैचों की श्रृंखला के पहले दोनों मैच गंवाने के बाद भारत का सूपड़ा साफ होने का खतरा था, लेकिन मिताली ने 75 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को यादगार जीत दिला दी। बारिश से प्रभावित 47 ओवर के इस मैच में इंग्लैंड की टीम 219 रन पर ऑल आउट हो गई थी। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना की 49 रन की पारी के बाद मिताली की शानदार बल्लेबाजी के दम पर भारत ने तीन गेंद शेष रहते चार विकेट से जीत दर्ज की। (एजेंसी से इनपुट के साथ)


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