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रमीज राजा का बड़ा आरोप, कहा- दबाव में पाकिस्तान फिक्सरों को टीम में लेता है

नई दिल्लीक्रिकेट हो या ना हो, पाकिस्तानी क्रिकेटर और बोर्ड दोनों ही चर्चा में रहते हैं। क्रिकेटर अपने ही देश के क्रिकेट बोर्ड की धज्जियां उड़ाते रहते हैं। कभी शोएब अख्तर तो कभी मोहम्मद आमिर तो कभी कोई। इस बार टीम के पूर्व कप्तान () ने बोर्ड को न केवल लताड़ लगाई, बल्कि बड़ा आरोप भी लगाया है। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल पर कहा कि जब दबाव बढ़ता है तो टीम में फिक्सर्स की एंट्री हो जाती है। उन्होंने पाकिस्तान के जिम्बाब्वे दौरे पर कटाक्ष करते हुए कहा- यह दौरा एक्सपेरिमेंटल होना चाहिए था। बोर्ड नए प्लेयर्स को मौके देता तो आने वाले आईसीसी इवेंट्स के लिए बेहतर टीम तैयार होती। पाकिस्तानी युवाओं को मौका मिलता और टीम की स्ट्रेंथ बढ़ती, लेकिन यहां तो अलग ही खेल चल रहा है। उन्होंने बिना तबिश खान का नाम लिए कहा- जब दबाव बढ़ता है तो पुराने टीम में आ जाते हैं, दबाव बढ़ता है तो फिक्सर्स टीम में आ जाते हैं, विकेटकीपर को मिडल ऑर्डर बल्लेबाज बना दिया जाता है, लेकिन इससे कोई टीम टी-20 वर्ल्ड कप नहीं जीतती है। 40 (तबिश खान 36 वर्ष) की उम्र में यहां लोग डेब्यू कर रहा हैं। वह पाकिस्तान का भविष्य कैसे बना सकते हैं? सचिन तेंडुलकर और एमएस धोनी तो 50% होने पर भी अधिक उपयोगी होते। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज तबिश खान (Tabish Khan) ने जिम्बाब्वे () के खिलाफ जारी सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में डेब्यू किया था। 36 साल के तबिश को 18 साल बाद इंटरनैशनल क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला। तबिश ने इससे पहले 137 फर्स्ट क्लास मैचों में कुल 598 विकेट चटकाए थे। इस दौरान उन्होंने 27612 गेंदें फेंकी। तबिश एशिया के पहले खिलाडी बन गए हैं जिसे फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 598 विकेट लेने के बाद टेस्ट डेब्यू का मौका मिला है। तबिश का टेस्ट डेब्यू 36 साल 146 दिन की उम्र में हुआ था। इससे पहले 1955 में पाकिस्तान की ओर से मीरान बख्श ने 47 साल 284 दिन की उम्र में करियर का पहला टेस्ट मैच खेला था।


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