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टैलेंट कूट-कूटकर भरा है... सचिन तेंदुलकर ने की संन्यास लेने वाले इस क्रिकेटर की तारीफ

नई दिल्ली: भारतीय सर्वश्रेष्ठ स्विंग गेंदबाजों में से एक और भारत की विश्व चैंपियन टीम का हिस्सा रहे तेज गेंदबाज एस (S. Sreesanth) ने हाल ही में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया। श्रीसंत ने कहा कि उन्होंने अगली पीढ़ी के क्रिकेटरों के लिए अपने 25 साल के करियर का अंत करने का फैसला किया है। इस पर महान बल्लेबाज (Sachin Tendulkar) ने इंस्टाग्राम पर उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'हमेशा आपको एक प्रतिभाशाली गेंदबाज के रूप में आंका जाता है, जिसमें बहुत सारे कौशल हैं। वर्षों तक भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए @sreesanthnair36 को बधाई। आपकी दूसरी पारी के लिए शुभकामनाएं।' मास्टर ने टेस्ट जर्सी में अपनी और श्रीसंत की तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें वह गेंदबाज को को गेंद पकड़ाते दिख रहे हैं। केरल में जन्में इस तेज गेंदबाज ने संन्यास का ऐलान करते हुए लिखा था, ‘अपने परिवार, टीम के साथियों और भारत के लोगों और खेल को प्यार करने वाले सभी का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात रही। काफी दुख लेकिन बिना किसी मलाल के मैं कहा रहा हूं कि मैं भारतीय घरेलू क्रिकेट (प्रथम श्रेणी और सभी प्रारूप) से संन्यास ले रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘अगली पीढ़ी के क्रिकेटरों के लिए मैंने अपना प्रथम श्रेणी करियर खत्म करने का फैसला किया है। यह मेरा अकेले का फैसला है और हालांकि मुझे पता है कि इससे मुझे खुशी नहीं मिलेगी लेकिन जीवन में इस समय यह सही और सम्मानित फैसला है। मैंने प्रत्येक लम्हे का लुत्फ उठाया।’ श्रीसंत ने लिखा, ‘आज का दिन मेरे लिए काफी मुश्किल है लेकिन यह बीती चीजों को देखने और आभार व्यक्त करने का भी दिन है। ईसीसी, एर्नाकुलम जिले, विभिन्न लीग और टूर्नामेंट टीम, केरल राज्य क्रिकेट संघ, बीसीसीआई, वारविकशर काउंटी क्रिकेट टीम, इंडियन एयरलाइंस क्रिकेट टीम, बीपीसीएल और आईसीसी के लिए खेला।’ श्रीसंत ने अपने करियर के बेहतरीन लम्हों को याद किया। यह 2010 में डरबन टेस्ट के दौरान दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज कैलिस को को आउट करने वाली अंदर आती हुई बाउंसर हो या 2006-07 के दक्षिण अफ्रीका के दौरे के दौरान आंद्रे नेल के साथ बहस के बाद इस तेज गेंदबाज पर छक्का जड़ने के बाद मनाया गया जश्न हो, श्रीसंत के करियर में कई यादगार लम्हे रहे। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अपने करियर का सबसे यादगार कैच 2007 में जोहानिसबर्ग में टी20 विश्व कप फाइनल में मिसबाह उल हक का लपका जिससे भारत ने अपना एकमात्र टी20 विश्व कप खिताब जीता। लेकिन 2013 में उनके करियर ने सबसे बुरा पल देखा जब इस तुनकमिजाज तेज गेंदबाज को आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में कथित तौर पर शामिल होने के लिए आजीवन प्रतिबंधित किया गया। श्रीसंत को अपना नाम मैच फिक्सिंग प्रकरण से हटवाने में सात साल लग गए और उन्होंने पिछले साल ही क्रिकेट के मैदान पर वापसी की। केरल का यह क्रिकेटर इंडियन प्रीमियर लीग में 2008 में धोनी की चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से पदार्पण करने के बाद पंजाब किंग्स, कोच्चि टस्कर्स केरल और राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेला। श्रीलंका के खिलाफ नागपुर में 25 अक्टूबर 2006 में एकदिवसीय मुकाबले के साथ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले श्रीसंत महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में 2007 में पहला टी20 विश्व कप और 2011 में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। श्रीसंत ने भारत की ओर से 27 टेस्ट, 53 एकदिवसीय और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय में क्रमश: 87, 75 और सात विकेट चटकाए। दाएं हाथ का यह 39 वर्षीय तेज गेंदबाज पिछले महीने मेघालय के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में केरल की ओर से खेलता दिखा था। अपनी टीम की पारी और 166 रन की जीत के दौरान श्रीसंत ने दो विकेट चटकाए थे।


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