इस मैच के बिना अधूरा है क्रिकेट इतिहास, 145 वर्ष पहले लिखी गई थी महान गाथा
नई दिल्ली: मार्च की 15 तारीख (15 March In History) 1877 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड (AUS vs ENG 1st Test In Cricket History) आमने-सामने थीं। जगह थी ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न मैदान। यह क्रिकेट के इतिहास का पहला आधिकारिक पन्ना भी कहा जा सकता है। इस मुकाबले से टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत हो रही थी। 15-19 मार्च तक चले इस मुकाबले को क्रिकेट में पहले टेस्ट मैच का दर्जा हासिल है। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच को 45 रनों से जीता था। ऑस्ट्रेलिया की जीत में चार्ल्स बैनरमैन हीरो रहे थे जिन्होंने पहली पारी के स्कोर 245 में से 165 रन बनाए थे। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का एकमात्र शतक था। वह जॉर्ज उलयट की गेंद पर रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटे। इंग्लैंड अपनी पहली पारी में सिर्फ 196 रन ही बना पाया था। लेकिन अभी खेल ने और करवट लेनी थी। ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 104 रनों पर ऑल आउट हो गया। अब इंग्लैंड को दूसरी पारी में 153 रन चाहिए थे। पर क्रिकेट शायद पहले ही मैच से अनिश्चतता की सतहें लपेटकर उतरा था। इंग्लैंड का स्कोर 62/4 था लेकिन टॉम केनडिल के सात विकेटों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने मेहमान टीम को 108 रनों पर ऑल आउट किया। इस मैच को शुरुआत में ऑल इंग्लैंड बनाम न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया XI का नाम दिया गया था। दोनों ही टीमें अपनी फुल स्ट्रेंथ के साथ नहीं खेल रही थीं। इंग्लैंड टीम में ग्रेस नहीं थे। और तो और कोई विकेटकीपर भी नहीं था क्योंकि सरे के टेड पूली को न्यू जीलैंड में गैम्बलिंग स्कैम में गिरफ्तार कर लिया था। कैंट में पैदा हुए ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स बेनरमैन ने एलफर्ड शॉ की फेंकी पहली गेंद का सामना किया। उन्होंने अगली गेंद पर रन बनाया। ऑस्ट्रेलिया ने मैच 45 रनों से जीता। यह भी संयोग ही था कि इस मैच के 100 साल पूरे होने पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया मैच भी ऑस्ट्रेलिया ने 45 रनों से ही जीता।
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