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हार में छिपी टीम इंडिया की खुशी, इन खिलाड़ियों से निराश भी खूब होंगे राहुल द्रविड़

पार्ल मुकाबला साउथ अफ्रीका और भारत के बीच था, लेकिन लोगों के ज्यादा दिलचस्पी सिर्फ एक खिलाड़ी के प्रदर्शन में थी। वह खिलाड़ी थे विराट कोहली। तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटने के बाद पहली बार किसी और प्लेयर की कप्तानी में खेल रहे विराट कोहली ने इस दबाव भरे माहौल में शानदार अर्धशतकीय पारी खेल कर जतला दिया कि उनका बल्ला फिलहाल खामोश नहीं होने वाला। गब्बर भारत के सर्वोच्च स्कोरर आलोचकों की नजर ओपनिंग बल्लेबाज शिखर धवन पर थीं, जिन्हें हाल में घरेलू क्रिकेट में खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम में शामिल किया गया था। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने भी 79 रन की आकर्षक पारी खेल कर एक बार फिर साबित किया कि वे बड़े मैच के खिलाड़ी हैं। हालांकि इन दोनों की यह अर्धशतकीय पारी टीम के काम नहीं आ सकी और तीन मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम को 31 रन की हार झेलनी पड़ी। शार्दुल ठाकुर का अर्धशतक साउथ अफ्रीका ने रासी वान डर डुसां (96 गेंद में 129*) और कप्तान तेंबा बावुमा (143 गेंद में 110 रन) के शतक और दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए हुई 204 रन की रिकॉर्ड साझेदारी के दम पर चार विकेट पर 296 रन बनाए थे। इसके जवाब में टीम इंडिया आठ विकेट पर 265 रन ही बना सकी। विराट और धवन और शार्दुल ठाकुर (नाबाद 50) के अलावा टीम का कोई और बल्लेबाज 20 के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका। वेंकटेश अय्यर को नहीं दी बॉलिंग आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले वेंकटेश अय्यर को चंद माह में ही टीम इंडिया में एंट्री मिल गई। घरेलू सीरीज में वह टी-20 डेब्यू करते हैं और अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया गया। हैरान करने वाली बात है कि कप्तान उनसे बॉलिंग ही नहीं करवे रहे जबकि ऑलराउंड क्षमता के मद्देनजर ही वह टीम में शामिल किए गए हैं, उन्हें हार्दिक पंड्या का विकल्प बताया जा रहा है। भुवनेश्वर कुमार ने अपने 10 ओवरों में 64 तो शार्दुल ठाकुर ने 72 रन लुटा दिए। दोनों के इतने महंगे साबित होने के बावजूद वेंकटेश अय्यर से एक भी ओवर की बॉलिंग नहीं करवाना समझ से परे है।


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