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अपने प्रदर्शन से खुश टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी ने कहा- वर्षों की मेहनत का फल मिल गया

मुंबई कई वर्षों तक घंटों की कड़ी मेहनत के दौरान अक्षर पटेल का सपना हमेशा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था और इंग्लैंड के बाद अब न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ क्रिकेट के बड़े मंच पर ऐसा करके वह काफी खुश हैं। अक्षर 2021 में पदार्पण से पहले वर्षों तक ज्यादातर एक अन्य बाएं हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा की छाया में बने रहे थे लेकिन उन्होंने अब अपने पांचवें टेस्ट में 36 विकेट चटका लिए हैं। यह पूछने पर कि वह इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट में 27 विकेट से शुरू हुए इस वर्ष को किस तरह देखेंगे तो उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से एक सपना ही है। अक्षर ने कहा, 'वास्तव में यह मेरे लिए स्वप्निल वर्ष रहा है, आप ऐसा कह सकते हैं। इंग्लैंड सीरीज में मैंने जिस तरह से गेंदबाजी की और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जिस तरह से जा रही है और इस बीच में आईपीएल भी था तो मैं कह सकता हूं कि यह व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए काफी अच्छा वर्ष रहा है।' अक्षर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 52 और नाबाद 41 रन की पारी खेली। उन्होंने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा, 'मेरी कोशिश लगातार सुधार करने की है और यह देखना कि मुझे किस क्षेत्र में बेहतर करने की जरूरत है। इतने वर्षों में जितनी मेहनत की, उसका नतीजा अंत में इस साल मिल गया।' बल्कि इस मौजूदा टेस्ट में खेली गई उनकी दो महत्वपूर्ण पारियों ने उन्हें भरोसा दिला दिया है कि घरेलू हालात में उनकी, रविचंद्रन अश्विन और जडेजा की तिकड़ी पूर्ण रूप से आल राउंडर के तौर पर खेल सकती है। उन्होंने कहा, 'बल्लेबाजी कोच (विक्रम राठौड़) और टीम प्रबंधन को मेरी बल्लेबाजी क्षमता पर भरोसा है और उन्होंने हमेशा मुझे कहा है कि 'तुम कर सकते हो।' इससे पहले जब मुझे मौका मिला तो मैं शुरुआत को अच्छे स्कोर तक नहीं ले जा सका लेकिन इस बार मैंने ऐसा कर दिया।' बकौल अक्षर, 'मेरी बल्लेबाजी से टीम को फायदा मिल रहा है और अगर आप मुझे, जड्डू और ऐश भाई को बतौर आल राउंडर खेलते देखो तो इससे हमारे बल्लेबाजों से थोड़ा दबाव कम हो जायेगा इसलिए यह अच्छा संकेत है। अगर मैं योगदान करना जारी रखूंगा, यह मेरे और मेरी टीम के लिए अच्छा है।' लेकिन वह जानते हैं कि दक्षिण अफ्रीका सीरीज पर उन्हें बाहर बैठना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, 'टीम प्रबंधन हमसे चर्चा करता है और हमें बताता है कि हम टीम संयोजन में फिट होते हैं या नहीं। टीम के लिये जो भी प्राथमिकता होती है, वह किया जाता है। हम खुद को कहते हैं कि हमें अपने रोजमर्रा के अभ्यास पर ध्यान रखना चाहिए और हम कैसे सुधार सकते हैं।'


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