देशद्रोही और गद्दार बोलने वालों के मुंह पर मोहम्मद शमी ने जोरदार तमाचा मारा है
नई दिल्ली यूं ही नहीं कहा जाता कि भारतीय दुनिया में सबसे ज्यादा इमोशनल होते हैं। यहां लोगों के दिलों में भावनाओं का भूकंप आता है। जो मन में आया वह बक दिया। सोशल मीडिया पर कभी भी, किसी को भी, कुछ भी कह दिया। फेसबुक ट्विटर के ऐसे ही नफरती चिंटूओं को मोहम्मद शमी ने करारा तमाचा मारा है, जिन्हें कुछ दिन पहले ट्रोलर्स देशद्रोही बता रहे थे। धर्म के आधार पर निशाना बना रहे थे। अमरोहा के अपने शमी भाई ने सबको शांत कर दिया। शमी का साउथ अफ्रीका में कमाल दुनिया के हर कोने में अपने झंडे गाड़ चुकी टीम इंडिया साउथ अफ्रीका में कभी टेस्ट सीरीज फतह नहीं कर पाई है। बॉक्सिंग-डे यानी 26 दिसंबर से पहले टेस्ट की शुरुआत हुई तो वहां शमी ने जो कमाल किया उस पर पूरे देश को नाज है। दाएं हाथ के इस पेसर ने अपनी आग उगलती गेंदों से 'पंजा' मारा, उन्हीं के बूते प्रोटिज टीम महज 197 रन पर सिमट गई। पूरी की डबल 'सेंचुरी'मेजबान को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले गेंदबाज शमी ने इन पांच विकेट के सात टेस्ट क्रिकेट में अपने 200 विकेट भी पूरे किए। करियर में यह छठी बार है जब उन्होंने एक पारी में पांच विकेट लेने का कमाल किया है। साथ ही साउथ अफ्रीका में एक से ज्यादा बार एक पारी में पांच विकेट निकालने वाले चौथे भारतीय गेंदबाज हैं। शमी ने अपने 55वें टेस्ट में 200 टेस्ट विकेट का आंकड़ा छुआ। इस मामले में वह तीसरे सबसे तेज भारतीय बोलर हैं। कपिल देव ने 50 और जवागल श्रीनाथ ने 54 टेस्ट में यह आंकड़ा छुआ था। पाकिस्तान से हार के बाद कहा गया था गद्दार दरअसल, यूएई में खत्म हुए वर्ल्ड टी-20 में भारत पहले ही मैच में पाकिस्तान से हार गया था। 10 विकेट से मिली हार में शमी 3.5 ओवर में 43 रन देकर सबसे महंगे गेंदबाज के रूप में उभरे थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रोलरों ने उनके निम्न प्रदर्शन को उनके धर्म से जोड़ा और जमकर भला-बुरा भी कहा था। बेटी ICU में जिंदगी से लड़ रही थी, शमी मैदान मेंअक्टूबर 2016 की बात है। न्यूजीलैंड की टीम भारत के दौरे पर आई थी। कोलकाता के ईडन गार्डंस मैदान में सीरीज का दूसरा टेस्ट था। भारत ने न सिर्फ यह टेस्ट 178 रन से जीता, बल्कि सीरीज पर कब्जा करके आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 का रुतबा फिर से हासिल किया। यह घरेलू मैदान पर भारत का 250वां टेस्ट था। शमी ने दोनों पारियों में तीन-तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई थी। आज जो बात ट्रोल्स भूल गए हैं, वह यह कि उस वक्त शमी की बेटी आयरा आईसीयू में भर्ती थीं। तब महज 14 महीने की रहीं आयरा को बेहद तेज बुखार था, सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। अब शमी के बूते भारत की पकड़ में मैच तेंबा बावुमा (52) को छोड़कर कोई भी साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज भारतीय पेस अटैक के खिलाफ टिकने का माद्दा नहीं दिखा सका। मेजबान टीम 62.3 ओवर्स में सिर्फ 197 रन पर सिमट गई और भारत ने पहली के आधार पर 130 रन की अहम बढ़त हासिल कर ली। सेंचुरियन में यह साउथ अफ्रीकी टीम का किसी पारी में लोएस्ट स्कोर है। इससे पहले इस मैदान पर उसका सबसे कम स्कोर 200 रन था।
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