भारत के सामने सिर्फ एक रास्ता, अफगानिस्तान के खिलाफ हर हाल में चाहिए बड़ी जीत
अबु धाबी खराब फॉर्म से जूझ रही भारतीय क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप में अपने अभियान को ढर्रे पर लाने की कोशिश में आज अफगानिस्तान से खेलेगी। इस मैच में सभी की नजरें भारतीय टीम के कॉम्बिनेशन पर भी लगी होंगी। देखना होगा कि अंतिम एकादश कोई बदलाव होता है या नहीं। साथ ही बैटिंग ऑर्डर पर भी सबकी नजरें होंगी। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड से करारी हार के बाद भारतीय टीम की सेमीफाइनल की राह काफी कठिन हो गई है। यह ऐसा मैच है जिसमें जीतने पर भारत को कोई श्रेय नहीं मिलेगा और हारने पर आलोचना के स्वर और मुखर हो जाएंगे और कप्तान कोहली इससे अनजान नहीं। दूसरी ओर अफगानिस्तान ने स्कॉटलैंड और नामीबिया को हराने के अलावा पाकिस्तान को हार की कगार तक पहुंचा दिया था लेकिन आसिफ अली ने एक ओवर में चार सिक्स लगाकर उनसे जीत छीन ली। अब मोहम्मद नबी और राशिद खान टी20 लीग में खेलने के अपने सारे अनुभव का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करना चाहेंगे ताकि अपनी टीम का दावा मजबूत कर सकें। अश्विन पर लेना होगा फैसला इस फॉर्मेट में आखिरी तीन मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने जा रहे विराट से बेहतर टीम सिलेक्शन की उम्मीद होगी। अश्विन जैसे गेंदबाज को बाहर रखने के फैसले पर बार-बार सवाल उठ रहे हैं। विश्व क्रिकेट में यह कभी सुनने में नहीं आया कि मौजूदा पीढ़ी के सबसे कामयाब खिलाड़ियों में से एक को छह महीने से टीम में शामिल करने के बावजूद अंतिम इलेवन में मौका नहीं दिया जा रहा। पूर्व चीफ सिलेक्टर और भारतीय कप्तान रहे दिलीप वेंगसरकर तो यहां तक कह चुके हैं कि अश्विन को बाहर रखना एक रहस्य है और इसकी जांच होनी चाहिए। यह कहीं जिद तो नहीं चार साल बाद अश्विन को सीमित ओवरों की टीम में शामिल किया गया और सूत्रों की मानें तो विराट इसके पक्ष में नहीं थे। उन्हें अंतिम एकादश में मौका नहीं देने के कोहली के फैसले को क्रिकेट हलकों में जिद माना जा रहा है। वरुण चक्रवर्ती की नाकामी ने साबित कर दिया है कि अनुभव के क्या मायने होते हैं। हुनर और प्रतिभा के मामले में भारत का कोई भी मौजूदा स्पिनर अश्विन के आसपास भी नहीं हैं। उनके खिलाफ एक ही बात है कि वह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से चार साल पहले टीम से बाहर हुए। अनुभव की यहां जरूरत अब भारत को टूर्नामेंट में वजूद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ उनके अनुभव की जरूरत है। अफगानिस्तान के ओपनर हजरतुल्लाह जजाई और मोहम्मद शहजाद उनकी गेंदों का सामना शायद नहीं कर सकेंगे। कोहली अगर एक बार फिर अश्विन की अनदेखी करते हैं तो बाहरी और भीतरी आवाजें उठनी शुरू हो जाएंगी कि इस फैसले का कारण क्रिकेट से इतर और कुछ तो नहीं। सूर्यकुमार होंगे फिट तो हार्दिक होंगे बाहर अफगानिस्तान के लिए नई गेंद संभालने वाले हामिद असन और नवीन उल हक अपना दिन होने पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन केएल राहुल और रोहित शर्मा की चुनौती उनके लिए कठिन होगी। दो खराब मैचों के बाद रोहित और राहुल वापसी की कोशिश में होंगे। सूर्यकुमार यादव फिट होने पर खेलेंगे और ईशान किशन को भी हार्दिक पंड्या की जगह उतारा जा सकता है। पंड्या दो मैचों में 35 गेंद में 31 रन ही बना सके हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ राशिद और गुलबदीन नायब के बीच के ओवर अहम होंगे जिन्हें संभलकर खेलना होगा। पिच का हाल अफगानिस्तान ने अपना पिछला मैच इसी मैदान पर खेला था और 160 रन का स्कोर बनाया था, जो कि मुख्य राउंड में किसी भी टीम द्वारा यहां बनाया गया हाईएस्ट स्कोर है। हालांकि यहां की पिच पर गेंद थोड़ी रुक कर आती है और रन बनाना आसान नहीं। टॉस जीतने वाला कप्तान पहले बोलिंग कर सकता है। मौजूदा टॉप परफॉर्मर भारत -बैट्समैन: विराट कोहली (2 मैच, 66 रन, स्ट्राइकरेट 100.00) बोलर: जसप्रीत बुमरा (मैच 2, विकेट 2, इकॉ. 5.12) अफगानिस्तान-बैट्समैन: नजीबुल्लाह जादरान (3 मैच, 88 रन, स्ट्राइक रेट 133.33) बोलर: राशिद खान (3 मैच, 7 विकेट, इकॉ. 4.74) संभावित प्लेइंग XI भारत: केएल राहुल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, ईशान किशन, ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या, रविचंद्रन अश्विन, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमरा अफगानिस्तान: मोहम्मद शहजाद, हजरतुल्लाह जजाई, रहमनुल्लाह गुरबाज, मोहम्मद नबी (कप्तान), करीम जनत, नजीबुल्लाह जादरान, गुलबदीन नायब, राशिद खान, मुजीब-उर रहमान, हामिद हसन, नवीन-उल-हक।
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