मिताली भारतीय टीम की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, स्ट्राइक रेट को लेकर आलोचना गैरजरूरी: शांता
नई दिल्ली पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी (Shanta Rangaswami) ने कहा कि स्ट्राइक रेट के लिए () की लगातार आलोचना गैरजरूरी है क्योंकि वह अब भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की शीर्ष परिषद की भी सदस्य शांता ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक दिवसीय इंटरनैशनल सीरीज में भारत के प्रदर्शन की सराहना की। भारत ने सीरीज 1-2 से गंवाई लेकिन अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। भारत ने तीसरे एक दिवसीय मुकाबले में जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया के लगातार 26 मैचों के जीत के क्रम को भी तोड़ दिया। शांता ने कहा, ‘वह भारत की सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज है और अब भी सर्वश्रेष्ठ है। उसे पता है कि तेजी से रन बनाने हैं और अगर दूसरे छोर पर विकेट गिर रहे हैं तो स्ट्राइक रेट मायने नहीं रखता। वह ब्रिटेन में अच्छा खेली और इस सीरीज में भी।’ उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि झूलन (गोस्वामी) ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। इन दोनों ने अच्छा प्रदर्शन करके दिखा दिया है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है (38 साल की उम्र में)।’ मिताली ने सीरीज के पहले मैच में लगातार पांचवां अर्धशतक जड़ा लेकिन भारत ने यह मुकाबला गंवा दिया। एक दिवसीय सीरीज में टीम के प्रदर्शन पर शांता ने कहा, ‘यह शानदार था क्योंकि उन्होंने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम को कड़ी टक्कर दी। भारत को दूसरा एक दिवसीय भी जीतना चाहिए था लेकिन यह अच्छा मुकाबला रहा।’ शांता के अनुसार क्षेत्ररक्षण में सुधार की काफी गुंजाइश है और खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाने की जरूरत है। उन्होंने टी20 कप्तान हरमनप्रीत कौर की फिटनेस पर भी सवाल उठाए क्योंकि अंगूठे की चोट के कारण वह श्रृंखला से बाहर हो गईं। उन्होंने कहा, ‘वह हंड्रेड टूर्नामेंट से चोटिल होकर आई थी, इससे पहले वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी चोटिल हो गई थी, अगर वह बार बार चोटिल होती है तो फिर उसे विदेशी लीग में खेलने से बचना चाहिए और भारत की ओर से खेलने को प्राथमिकता देनी चाहिए। टीम प्रभाव छोड़ने वाली खिलाड़ी है और टीम को उसकी जरूरत है।’ शांता ने कहा, ‘बीसीसीआई आस्ट्रेलिया जैसे महत्वपूर्ण दौरों से पहले खिलाड़ियों को लीग में खेलने से रोक सकता है।’ पूर्व भारतीय कप्तान शांता को सलामी बल्लेबाजों शैफाली और स्मृति मंधाना से प्रदर्शन में अधिक निरंतरता की उम्मीद है। उनका साथ ही मानना है कि रिचा घोष को अपनी विकेटकीपिंग पर काम करने की जरूरत है लेकिन उसने एक दिवसीय सीरीज में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। यस्तिका भाटिया ने भी अपनी पदार्पण सीरीज में प्रभावित किया। स्नेह राणा ने भी ऑलराउंडर के रूप में प्रभावी प्रदर्शन किया है जिससे दीप्ति शर्मा पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव बनेगा।
from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/3CTdxR0
No comments