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किसी भी खिलाड़ी ने नहीं की विराट कोहली की शिकायत, न जुबानी, न लिखित: अरुण कुमार धूमल

मुंबई बीसीसीआई उन खबरों से बहुत नाराज है जिनमें कहा जा रहा था कि भारतीय टीम के कुछ खास खिलाड़ियों ने क्रिकेट बोर्ड से कप्तान की थी। इस सप्ताह लगातार ऐसी खबरें आ रही थीं जिनमें कहा जा रहा था कि भारतीय क्रिकेटर्स ने बीसीसीआई सचिव जय शाह को विराट कोहली की शिकायत की थी और इसके बाद ही बीसीसीआई ने मामले में दखल दी। जब 16 सितंबर को कोहली ने बतौर टी20 कप्तानी से इस्तीफा दिया तो मीडिया में ये खबरें आईं कि कोहली ने सिलेक्टर्स से कहा था कि वे रोहित को टीम की उपकप्तानी से हटा दें। 28 सितंबर को ऐसी खबरें आईं कि दो सीनियर भारतीय क्रिकेटर्स- चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे- ने जय शाह से कोहली की शिकायत की थी। बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने बुधवार को हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'मीडिया को बकवास लिखना बंद करना चाहिए। मैं ऑन रिकॉर्ड यह बात कहना चाहता हूं कि किसी भी बीसीसीआई से कोहली की शिकायत नहीं की है। न ही लिखित, न मौखिक। बीसीसीआई हर ऐसी गलत खबर पर लगातार सफाई नहीं दे सकता। उस दिन हमनें खबर देखी कि वर्ल्ड कप टीम में परिवर्तन होगा। यह किसने कहा?' 13 सितंबर को जब टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर दी कि कोहली सीमित ओवरों के फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे तो धूमल ने उन खबरों को नकार दिया था। उन्होंने मीडिया में कहा था, 'बीसीसीआई ने स्प्लिट कप्तानी पर चर्चा ही नहीं की है।' धूमल की बात सही थी। बीसीसीआई ने कोहली को सीमित ओवरों के प्रारूप से हटाने का फैसला नहीं किया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया था- 'विराट ने खुद ही इसका ऐलान करेंगे। उनकी नजर में उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है और वही विराट बनने की जरूरत है जो वह हमेशा से रहे हैं- यानी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बनने की। सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ने का फैसला उनका अपना है।' यह रिपोर्ट उसी लाइन पर थी। इसके बाद कोहली ने 16 सितंबर शाम 5:53 पर अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर वीडियो जारी कप्तानी से हटने का फैसला किया था। धूमल का मीडिया को दिया बयान भी उसी लाइन पर है। कोषाध्यक्ष के तौर पर उन्होंने सही बयान दिया कि बीसीसीआई ने कोहली को पद से हटने के लिए नहीं कहा। धूमल ने कहा, 'मीडिया ने मुझसे पूछा कि क्या बीसीसीआई ने यह फैसला किया था तो मैंने कहा नहीं। आखिरकार विराट ने अपना फैसला लिया और बीसीसीआई को यह उनका फैसला था। आज वही मीडिया कह रहा है कि खिलाड़ियों ने बीसीसीआई को शिकायत की है। तो, बोर्ड की ओर से मैं आपको बता सकता हूं कि कोई शिकायत नहीं हुई है। क्या अब भी कोई कन्फ्यूजन है?' इस बात को लेकर कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए क्योंकि बीसीसीआई सचिव के दफ्तर को भी इस तरह की शिकायत की कोई जानकारी नहीं है। मामले को करीब से जानने वाले कुछ लोगों ने मजाक में भी कहा, 'क्या आप इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि खिलाड़ियों ने BCCI सचिव को ही शिकायत की थी।' बीसीसीआई की नजर में यह काफी दिलचस्प है कि कोहली के टी20 टीम के कप्तान के तौर पर इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद ही मीडिया के एक धड़े को भारतीय टीम के बारे में सब कुछ पता था। लेकिन उनके इस्तीफा देने के लिए 24 घंटे पहले तक किसी को इसकी भनक भी नहीं थी कि कोहली के खिलाफ शिकायत की गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट किया था कि कोहली सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने भारतीय क्रिकेट में प्रभावशाली पदों पर बैठे कई लोगों से बात भी की थी। उनमें से हर किसी ने इन खबरों का खंडन किया था कि किसी ने उनके (कोहली) के खिलाफ किसी भी तरह की शिकायत की है। बीसीसीआई सचिव ही नहीं बल्कि बोर्ड में किसी से भी कोहली के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की गई है। धूमल ने आगे कहा, 'इस तरह की रिपोर्टिंग से भारतीय क्रिकेट को काफी नुकसान होता है। हम समझ सकते हैं कि अगर वरिष्ठ पत्रकार- जो काफी समय से खेल को फॉलो कर रहे हैं और पूरी तत्परता से इसे देख रहे हैं- को लगता है कि टीम को कुछ ऐसा करना चाहिए। यह एक नजरिया हो सकता है जिसकी तारीफ की जानी चाहिए। मैं खुद अच्छी रिपोर्ट पढ़ना पसंद करता हूं। लेकिन मनगढ़ंत कहानियां नहीं होनी चाहिए। और ही बिना किसी साक्ष्य के यह कहना चाहिए कि अमुक व्यक्ति ने ऐसा कहा। यह ठीक नहीं है।'


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