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शेन वॉर्न, मुरलीधरन, जिम लेकर, चंद्रशेखर का रेकॉर्ड देख लीजिए, पता चलेगी ओवल में अश्विन की जरूरत... क्या अब भी इग्नोर करेंगे विराट कोहली

नई दिल्ली लॉर्ड्स से लीड्स तक टीम इंडिया के लिए काफी कुछ बदल गया। क्रिकेट के मक्का पर विराट कोहली की टीम की जीत के बाद सब सही था। टीम कॉम्बिनेशन, बोलर्स का प्रदर्शन और कप्तानी सब सही था। लेकिन हेडिंग्ले की हार ने समीकरण बदल दिए। और जैसा कि अकसर हर हार के बाद होता है टीम संयोजन पर सवाल उठने शुरू हो गए। एक अहम सवाल जो सबसे ज्यादा उठ रहा है वह रविचंद्रन अश्विन को टीम में शामिल किए जाने को लेकर है। अश्विन टीम के सबसे कामयाब बोलर हैं। लेकिन अभी तक सीरीज के तीनों मैचों में वह बैंच पर रहे हैं। तो क्या कोहली ओवल में इस ऑफ स्पिनर को जगह देंगे? पिच और परिस्थितियों का इसमें अहम किरदार होगा लेकिन कोहली के सामने यह पेच तो होगा। कोहली की सोच कोहली ने इंग्लैंड दौरे पर अभी तक एक नियम बनाकर रखा है। चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का। भारतीय कप्तान का मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में रफ्तार, स्विंग और सीम काफी मददगार होती है। और जडेजा क्योंकि बल्लेबाजी के बेहतर विकल्प हैं, अश्विन अंतिम 11 में जगह नहीं बना पाए हैं। लेकिन ओवल का मैदान शायद कोहली को अपनी सोच बदलने को मजबूर कर दे। स्पिनर्स को करता है मददआंकड़ों की बात करें तो 2016 से यह स्पिनर्स के लिए इंग्लैंड का बेहतरीन मैदान रहा है। यहां स्पिनर्स की कुल औसत 29.52 की रही है। वहीं तेज गेंदबाजों के लिए यह औसत 32.38 की है जो सबसे खराब है। यानी हालिया वक्त में यह मैदान फिरकी के लिए मुफीद रहा है। क्या दो स्पिनर्स के साथ उतरेगी टीम इंडिया रविंद्र जडेजा का अस्पताल से एक फोटो आया था। उन्हें घुटने में चोट की तकलीफ थी। तो अगर जडेजा नहीं खेलते हैं तो अश्विन स्वाभाविक रूप से टीम में आ जाते हैं। लेकिन अगर जडेजा फिट हैं, तो? अगर स्पिनर्स के लिए मददगार आंकड़ों पर नजर डालें तो भी अश्विन टीम में दिख सकते हैं। भारतीय टीम तीन पेसर्स और दो स्पिनर्स के साथ भी उतर सकती है। हालिया फॉर्म भी अश्विन के साथ अश्विन न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत के सर्वश्रेष्ठ बोलर रहे थे। इसके अलावा सरे के लिए काउंटी क्रिकेट खेलते हुए पिछले महीने उन्होंने इसी ओवल के मैदान पर छह विकेट लिए थे। फिरकी का इतिहास अगर आप इस मैदान पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बोलर्स को देखें तो स्पिनर्स इसमें आगे नजर आते हैं। डैरेक अंडरवुड इस मैदान पर सबसे खतरनाक बोलर रहे हैं। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने 10 मैचों में 45 विकेट लिए हैं। वहीं इंग्लैंड के ही जिम लेकर ने 8 मुकाबलों में 40 बल्लेबाजों को पविलियन भेजा है। वह इस मैदान पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बोलर्स में दूसरे नंबर पर हैं। लेग स्पिनर शेन वॉर्न के लिए भी ओवल का मैदान काफी अच्छा रहा है। वॉर्न ने चार टेस्ट मैचों में इस मैदान पर 32 विकेटअपने नाम किए हैं। वहीं ग्रीम स्वान ने 5 मैचों में 27 बल्लेबाजों को पविलियन भेजा है। मुथैया मुरलीधरन को यहां सिर्फ एक ही टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला। लेकिन उसी में उन्होंने कमाल कर दिया। मुरली ने उस मैच में 16 विकेट लिए थे। बीएस चंद्रशेखर ने भी यहां एक मैच खेलकर आठ विकेट लिए। अश्विन जैसे गेंदबाज को बाहर बैठाना मुश्किल अश्विन जैसा गेंदबाज किसी भी टीम के प्लेइंग इलेवन में आसानी से जगह बनाता है। क्रिकेट के जानकार भी उन्हें टीम में शामिल करने की वकालत कर चुके हैं। इंग्लैंड में अश्विन ने सात टेस्ट मैच खेले हैं उनमें 18 विकेट लिए हैं। यानी उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा तो नहीं कहा जा सकता। और ओवल में उन्होंने एक मैच में तीन विकेट लिए हैं। लेकिन टीम इंडिया के लिए अब परिस्थितियां अलग हैं। ईशांत फॉर्म में नहीं और जडेजा पर सवाल हैं। वहीं दूसरी ओर अश्विन, जिन्हें इस समय दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्पिनर्स में गिना जाता है, बैंच पर बैठे हैं। संजय मांजरेकर कई बार कॉमेंट्री में कह सकते हैं कि आपको अपने सर्वश्रेष्ठ विकल्प को खिलाना चाहिए। और अश्विन बेशक भारत के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं। तो क्या कोहली, अश्विन को प्लेइंग इलेवन में शामिल करेंगे? कल तक का इंतजार करना होगा। या तो कोहली अश्विन को टीम में शामिल होने की बात बताएंगे या उन्हें शामिल न कर पाने की वजह बताएंगे...


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