4 मैच, 7 पारियां, कैसे ऑस्ट्रेलिया के 'नायक' पंत इंग्लैंड में बने 'खलनायक', आंकड़ों से समझें
लीड्सऑस्ट्रेलिया में धमाल के बाद इंग्लैंड के खिलाफ होम सीरीज में ऋषभ पंत का बल्ला जमकर चला था। लोग तारीफ करते नहीं थक रहे थे, लेकिन इंग्लैंड में ऐसा फॉर्म गिरा कि उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर करने पर चर्चा होने लगी है। खासकर तीसरे मुकाबले में उनका बल्ला पूरी तरह खामोश रहा। दोनों पारियों में दहाई का आंकड़ा (दो और एक रन) पार नहीं कर सके। इसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है। फैंस उन्हें बाहरकर चौथे टेस्ट में ऋद्धिमान साहा को शामिल करने की अपील की है। अहमदाबाद में खेली थी धांसू शतकीय पारीपंत ने देश में खेले गए आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ अहमदाबाद में 101 रनों की धांसू पारी खेली थी। पारी की जीत के वह हीरो थे और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था। जब टीम इंडिया इंग्लैंड पहुंची तो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के खिताबी मुकाबले और मेजबान टीम के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज के लिए वह भारत का सबसे बड़ा 'इक्का' माने जा रहे थे, लेकिन वह उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए। पिछले 4 मैच में ऐसा रहा प्रदर्शनपंत ने पिछले 4 मैचों की 7 पारियों में 18.85 के बेहतद खराब औसत से कुल 132 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 41 रन रहा, जो उन्होंने साउथम्पटन में खेले गए न्यूजीलैंड के खिलाफ WTC फाइनल की दूसरी पारी में बनाए थे। मौजूदा सीरीज की बात करें तो उन्होंने 3 मैचों की 5 पारियों में 87 रन बनाए हैं। वह नॉटिघंम में 25, लॉर्ड्स में 37 और 22 रन तथा लीड्स में दो और एक रन ही बना सके हैं। इस तरह ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत और इंग्लैंड को पस्त करने वाले इस खिलाड़ी के प्रदर्शन को लोगों ने भुल दिया और प्लेइंग इलेवन से बाहर करने की बात करने लगे हैं। शॉट को लेकर दिखे कन्फ्यूजइस दौरान वह टिककर खेलने की कोशिश में आउट हुए तो कई बार अपना आक्रामक खेल खेलने में आउट हुए। ऐसा लग रहा कि वह अपने शॉट सिलेक्टशन को लेकर कन्फ्यूज हैं। जिस तरह की विस्फोटक बैटिंग के लिए जाने जाते हैं वह वैसा शॉट भी नहीं लगाते दिखाई दिए। एंडरसन को उन्होंने जिस अंदाज में भारत में खेला था वह बेखौफ अंदाज गायब है। कोहली ने दिया साथ का वादापंत को हालांकि यहा कप्तान विराट कोहली का साथ मिला है। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने मैच के बाद विकेटकीपर ऋषभ पंत का समर्थन करते हुए कहा कि टीम प्रबंधन इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बची हुई सीरीज में बल्लेबाजी के लिए उन्हें पूरा मौका देगा। कोहली ने कहा, ‘जैसा कि मैंने कहा कि एक हार से मैं इसका आकलन नहीं कर सकता या फिर बतौर कप्तान मैं इसका विश्लेषण करना शुरू नहीं कर सकता। निश्चित रूप से प्रबंधन भी इसका विश्लेषण शुरू नहीं करेगा क्योंकि हम टीम के तौर पर विफल नहीं हो रहे हैं।’
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