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बिटिया का LIVE मैच देखने से क्यों वंचित रह गए कमलप्रीत के पिता कुलदीप सिंह? जानें

नई दिल्ली भारतीय महिला डिस्कस थ्रो एथलीट कमलप्रीत कौर (Kamalpreet Kaur) तोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics 2020) में इतिहास रचने की दहलीज पर हैं। कमलप्रीत महिलाओं के चक्का फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गई हैं। हालांकि कमलप्रीत कौर के पिता कुलदीप सिंह (Kuldeep Singh) अपनी बेटी का लाइव मैच नहीं देख सके। 25 साल की कमलप्रीत ने तीसरे प्रयास में 64 मीटर दूर चक्का फेंक फाइनल्स के लिए क्वालीफाई किया। यह ओलिंपिक में किसी भारतीय का अभी तक का बेस्ट प्रदर्शन में से एक है। वेबसाइट इंडियाटुडे डॉट इन से बातचीत में कुलदीप सिंह ने कहा, 'कमल ने मुझे कल टाइमिंग के बारे में बताया था। मैं इंतजार कर रहा था लेकिन ब्रॉडकास्टर कुछ और ही दिखा रहे थे। मैं ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता था क्योंकि मुझे खेत में कुछ काम था।' क्वालीफिकेशन में शीर्ष रहने वाली अमेरिका की वालारी आलमैन के अलावा वह 64 मीटर या अधिक का थ्रो लगाने वाली अकेली खिलाड़ी रहीं। इस स्पर्धा का फाइनल दो अगस्त को होगा। इस साल कमलप्रीत का प्रदर्शन शानदार रहा है इस साल शानदार फॉर्म में चल रही कमलप्रीत ने दो बार 65 मीटर का आंकड़ा पार किया है। उन्होंने मार्च में फेडरेशन कप में 65 . 06 मीटर का थ्रो फेंककर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। वह 65 मीटर पार करने वाली पहली भारतीय हैं। इसके बाद जून में इंडियन ग्रां प्री 4 में अपना ही राष्ट्रीय रेकॉर्ड बेहतर करते हुए उन्होंने 66 . 59 मीटर का थ्रो फेंका। 'फाइनल मिस नहीं करूंगा' बकौल कुलदीप, ' जब मैं खेत में काम कर रहा था तब मुझे फोन कॉल्स और मैसेज आने शुरू हुए। उसके बाद मैं घर वापस गया। मैं दिन में बाद में हाइलाइट देखूंगा।' पिता ने कमलप्रीत के पदक जीतने की जताई उम्मीद कुलदीप की नजरें अब फाइनल पर हैं। उनका कहना है कि वह किसी भी हालत में फाइनल मैच देखना नहीं भूलेंगे। कमलप्रीत के पिता ने कहा, ' मैं किसी भी हाल में फाइनल मिस नहीं करूंगा। मुझे उम्मीद है कि वह मेडल के साथ देश वापस लौटेगी।'


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