अपने देश के लोगों का प्यार देख चानू की आंखें हुईं नम, बोलीं- इसीलिए ये मेडल मेरे लिए खास है
मीराबाई चानू ने सोशल मीडिया पर कुछ यादगार तस्वीरें पोस्ट की हैं। चानू ने पूरे देश को उनका साथ देने के लिए बहुत शुक्रिया अदा किया है। इसी के साथ चानू ने लिखा है कि भारत और मेरे राज्य मणिपुर के लोगों ने मुझे जो प्यार दिखाया है, उसके कारण यह रजत पदक और भी खास है। मैं हर उस व्यक्ति की आभारी हूं जो आज मुझे बधाई देने आया और मुझे अपना आशीर्वाद दिया।भारत के लिए तोक्यो ओलिंपिक में पहला पदक जीतने वाली मीराबाई चानू स्वदेश लौट आई हैं। भारत पहुंचते ही उनका भव्य स्वागत हुआ। उनकी एक झलक पाने के लिए लोग घंटों उनका इंतजार कर रहे थे।मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी उनको सम्मानित किया। चानू के लिए भी ये बहुत भावुक पल था।

मीराबाई चानू ने सोशल मीडिया पर कुछ यादगार तस्वीरें पोस्ट की हैं। चानू ने पूरे देश को उनका साथ देने के लिए बहुत शुक्रिया अदा किया है। इसी के साथ चानू ने लिखा है कि भारत और मेरे राज्य मणिपुर के लोगों ने मुझे जो प्यार दिखाया है, उसके कारण यह रजत पदक और भी खास है। मैं हर उस व्यक्ति की आभारी हूं जो आज मुझे बधाई देने आया और मुझे अपना आशीर्वाद दिया।
चानू की एक झलक के लिए बेकरार हुए लोग

सोमवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हुए स्वागत समारोह की तरह ही यहां बीर टिकेंद्रजीत अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर मीराबाई की झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के साथ मीडियाकर्मी भी मौजूद थे । उनके हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही अफरातफरी मच गयी।
ये मेडल और भी खास है- चानू

मीराबाई चानू ने सोशल मीडिया पर कुछ यादगार तस्वीरें पोस्ट की हैं। चानू ने पूरे देश को उनका साथ देने के लिए बहुत शुक्रिया अदा किया है। इसी के साथ चानू ने लिखा है कि भारत और मेरे राज्य मणिपुर के लोगों ने मुझे जो प्यार दिखाया है, उसके कारण यह रजत पदक और भी खास है।
मैं हर शख्स की सदा आभारी रहूंगी- चानू

ये तस्वीर खुद मीराबाई चानू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं। चानू ने लिखा कि वो इस स्वागत से अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि मैं हर उस व्यक्ति की आभारी हूं जो आज मुझे बधाई देने आया और मुझे अपना आशीर्वाद दिया।
मां से गले लगीं तो नहीं रुके आंसू- चानू

हवाई अड्डे पर मंगलवार को अपनी मां से मिलने के बाद भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं और उनकी आंखें नम हो गयी। रियो (2016) ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मीराबाई को पिछले पांच वर्षों में बहुत बार घर आने का मौका नहीं मिला था।
घरवालों से मिलकर भावुक हुईं मीराबाई चानू

ओलंपिक भारोत्तोलन में 49 किग्रा भार वर्ग में शनिवार को रजत पदक जीतने वाली मीराबाई यहां पहुंचने पर अपनी मां सेखोम ओंगबी तोम्गी लीमा और पिता सेखोम कृति मेइतेई से गले मिली जिसके बाद उनकी आंखें नम हो गयी। इस बीच सुरक्षाकर्मियों ने उनके आसपास एक घेरा बनाया था।
सम्मान समारोह में पहुंची थीं चानू

यह 26 साल की खिलाड़ी यहां से लगभग 25 किलोमीटर दूर नोगपोक काकचिंग गांव में रहती है। मीराबाई हवाई अड्डे से मणिपुर राज्य सरकार के सम्मान समारोह में शामिल होने पहुंची, जिसकी मेजबानी मुख्यमंत्री ने की थी।
सिल्वर मेडल विजेता मीराबाई चानू

मणिपुर की इस खिलाड़ी ने 49 किग्रा वर्ग में कुल 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) भार उठाकर शनिवार को रजत पदक हासिल किया था। इससे पहले भारोत्तोलन में 2000 सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ने कांस्य पदक जीता था।
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