जब आप भारत के लिये खेलते हो तो व्यक्तिगत पसंद-नापसंद मायने नहीं रखती: मिताली राज
नई दिल्लीभारत की टेस्ट और वनडे कप्तान मिताली राज ने रविवार को कहा कि वह और मुख्य कोच रमेश पोवार महिला टीम को आगे ले जाने के लिए कड़वे अतीत को पीछे छोड़ चुके हैं और वह मानती हैं कि जब कोई देश के लिए खेल रहा होता है तो व्यक्तिगत पसंद और नापसंद मायने नहीं रखती। मिताली और टीम की अन्य खिलाड़ी ब्रिटेन के दौरे से पहले इस समय मुंबई में क्वारंटीन में हैं। ब्रिटेन के दौरे से न्यूजीलैंड में अगले साल के शुरू में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए टीम की तैयारियों को काफी मदद पहुंचाने की उम्मीद है। इस सीरीज में भारत को सात साल में पहला टेस्ट खेलना है जो मुख्य कोच के तौर पर पोवार का पहला दौरा होगा। 2018 विश्व टी20 के सेमीफाइनल में भारत को मिली हार के बाद इस पूर्व भारतीय स्पिनर को बर्खास्त कर दिया गया था लेकिन फिर उनकी इस भूमिका के लिए वापसी हुई। मिताली को विवादास्पद तरीके से उस मैच से बाहर रखा गया था और दोनों के बीच रिश्तों में कड़वाहट आयी जिसमें दोनों ने एक दूसरे पर गैर पेशेवर आचरण का आरोप लगाया। उनसे जब पूछा गया कि क्या अतीत की घटना उनके वर्तमान और भविष्य में आड़े आएगी तो उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा अतीत में नहीं रह सकते।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इतने वर्षों तक खेल चुकी हूं, मेरे अंदर कोई अहंकार नहीं है और मैं अपनी व्यक्तिगत पसंद-नापसंद को ज्यादा तवज्जो नहीं देती। मैंने ऐसा कभी नहीं किया है।’ मिताली ने कहा, ‘और 21 साल इतनी सारी चुनौतियों से गुजरने के लिए काफी लंबा समय होता है। जब भारत के लिए खेलने की बात आती है तो आप अपने देश की सेवा करते हो इसलिए व्यक्तिगत मुद्दों को मैं ज्यादा तवज्जो नहीं देती।’ उन्होंने कहा, ‘हम कड़वे नहीं हो सकते और कड़वाहट को आगे नहीं ले जा सकते। मैं कभी भी आक्रामक नहीं रही हूं और न ही मैं अतीत को वर्तमान तक ले जाती हूं। वर्ना मैं इस खेल में इतने लंबे समय तक नहीं बनी रहती जिसमें हमेशा खुद को खोजने और सुधार करने की जरूरत होती है।’
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