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पुलिस ही नहीं 18 दिनों से दुबई के इस डॉन से भी भाग रहा था सुशील कुमार

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय पहलवान सुशील कुमार बीते 18 दिनों से न सिर्फ दिल्ली पुलिस से भाग रहा था बल्कि साथ ही वह संदीप उर्फ काला जेठड़ी से भी बच रहा था। काला जेठड़ी उत्तर भारत का एक वॉन्टेड गैंगस्टर है और माना जाता है कि वह फिलहाल दुबई में है। जेठड़ी ने हाल ही में जीटीबी अस्पताल में अपने साथी कुलदीप फज्जा को पुलिस की कैद से छुड़ाने के लिए शूटआउट किया था। फज्जा बाद में पुलिस इनकाउंटर में मारा गया था। कुमार को पता था कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल उसे फंसा सकता है लेकिन ऐसा लगता है कि वह पुलिस को लेकर ज्यादा फिक्रमंद नहीं था। उसके शुभ-चिंतकों ने उसे फोन पर इंटरनेट चलाने के लिए डोंगल का इस्तेमाल करने की सलाह दी। एक सूत्र का कहना है कि वह जेठड़ी से संपर्क करने की कोशिश में था ताकि उससे माफी मिल सके। यहां तक कि जब दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर शिवकुमार ने सुशील को गिरफ्तार किया, उसे सागर धनखड़ की हत्या का कोई गिला नहीं था। वह पुलिस से बस इतना चाहता था कि जेल में जेठड़ी के आदमियों से उसे बचाया जाए। इससे पता चलता है कि बीते दो हफ्तों में दोनों के बीच सुलह नहीं हो पाई है। लेकिन सवाल है कि आखिर जेठड़ी गैंग इस पहलवान के पीछे क्यों था? जब कुमार ने धनखड़ को मारा तो उसके साथ में एक और शख्स, सोनू की भी उसने पिटाई की थी। सोनू, जिस पर हत्या, उगाई और लूटपाट के 19 मामले दर्ज हैं, जेठड़ी का भतीजा है। जेठड़ी उसे अपने बेटे की तरह मानता है। इस घटना के बाद सोनू की पिटाई को लेकर बहुत ज्यादा विवाद था। पुलिस का कहना है, जेठड़ी दिल्ली में सोनू और अन्य लोगो के जरिए बड़े पैमाने पर विवादित प्रॉपर्टी कब्जाने का काम करता है। कुमार ने कथित रूप से जेठड़ी से हाथ मिलाया और उत्तर-पूर्व दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके के M2 ब्लॉक में एक मकान पर पहुंचे। यही मकान सारे विवाद की जड़ है। इस फ्लैट को जेठड़ी-लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अपराधियों को शरण देने में इस्तेमाल होता था। कई अपराधों की साजिश भी इसी में रची गई। यह गठजोड़ दिल्ली, यूपी और हरियाणा के सभी टोल टैक्स बूथ पर कब्जा करना चाहता था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'शुरुआती समझौते के मुताबिक प्रॉपर्टी को बेचने के बाद होने वाली कमाई जेठड़ी और कुमार के बीच बराबर बांटी जानी थी। हालांकि बीते कुछ महीनों में कुमार ने प्रतिद्वंद्वी गैंग के साथ गठजोड़ किया। इसमें जेल में बंद गैंगस्टर नीरज बवाना और नवीन बाली शामिल थे। इससे पहलवान और जेठड़ी के बीच विवाद बढ़ता गया।' जब जेठड़ी ने कुमार से फ्लैट बेचने और पैसे देने का दबाव बढ़ाने लगा, तो उसने वहां रह रहे धनखड़ और अन्य से फ्लैट खाली करने को कहा। इसने जेठड़ी गैंग को नाराज कर दिया और सुशील के खिलाफ खुले आम बुरी बातें बोलनी शुरू कर दीं। जब सुशील को इस बारे में पता चला तो उसने धनखड़ और अन्य को आमना-सामना करने की चुनौती दी। सोनू को उम्मीद थी कि कुमार जेठड़ी गैंग की ओर से तय की गई सीमा नहीं लांघेगा। हालांकि जेठड़ी के प्रतिद्वंद्वी गैंग के बैकिंग पर गुस्से में कुमार ने उस बाउंड्री को लांघ दिया। इसे कुमार का अपना दबदबा दिखाने के इशारे के तौर पर देखा गया। इसी कारण से कुमार ने इस पिटाई का वीडियो बनाने को कहा ताकि इस मेसेज को शेयर कर गैंग्स में यह संदेश दिया जा सके कि उससे पंगा नहीं लेना है। हालांकि धनखड़ की मौत और जेठड़ी के खास आदमी को लगी चोट की वजह से कुमार के खिलाफ खुली जंग शुरू हो गई। सुशील की जान को खतरा पैदा हो गया। सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि जेठड़ी गैंग के लोग अब भी सुशील को और हत्या की रात शामिल उसके साथियों को तलाश कर रहे हैं।


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